21 Jan 2026
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क
लहसुन का इस्तेमाल आयुर्वेद में बेहद खास माना गया है. इसे एंटीबायोटिक भी कहा जाता है. खासकर देसी लहसुन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है.
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देसी लहसुन की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें कोई बीमारी नहीं होती . यानी ये खराब नहीं होता. नियमित खाने से कई तरह की बीमारियों से निजात भी मिलती है.
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गुणों से भरपूर देसी लहसुन की डिमांड पूरे साल रहती है. इसके बीज की कीमत लगभग 150 रुपये किलो है.
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यह रबी फसल है और इसे अच्छी पैदावार के लिए पतझड़ का समय अनुकूल माना जाता है. इस मौसम में लगाने से पर्याप्त ठंडक मिल जाती है और गर्मियों तक स्वादिष्ट फसल तैयार हो जाती है.
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रोपाई के लिए वर्मी कंपोस्ट से तैयार की गई मिट्टी में कलियों को नुकीली (पोषक) सिरे को ऊपर और पीछे (डंठल) वाले हिस्से को नीचे करके 1.5-2 इंच गहरा बोएं.
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एक-एक बीट की दूरी चारों तरफ से एक पौधे को दी जाती है. इससे पौधे अच्छी तरह बढ़ते हैं और इसकी पैदावार भी अच्छी होती है.
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वर्मी कंपोस्ट से उपजाए गए देसी लहसुन में शुद्धता की पूरी गारंटी होती है. इसकी मांग भी ज्यादा रहती है.
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फसल तैयार हो जाने पर 100 से लेकर 300-400 रुपए किलो तक बिकता है. इस तरह बंपर फायदा उठा सकते हैं.
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