13 June 2026
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क
घर में बची हुई छाछ अब सिर्फ पीने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पौधों के लिए एक नेचुरल टॉनिक के रूप में भी इस्तेमाल की जा सकती है.
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गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार सही तरीके से उपयोग करने पर यह पौधों की ग्रोथ और मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद कर सकती है.
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छाछ में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद करते हैं. यह मिट्टी की माइक्रोबियल एक्टिविटी को बढ़ाने में सहायक मानी जाती है.
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पौधों की जड़ों को मजबूत करने और ग्रोथ बढ़ाने में मदद कर सकती है. नियमित उपयोग से पत्तियां अधिक हरी और घनी दिख सकती हैं और फंगल समस्याओं को कम करने में भी उपयोगी बताई जाती है.
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1 भाग छाछ में 5–10 भाग पानी मिलाकर घोल तैयार करें. हर 15–20 दिन में एक बार पौधों की जड़ों में डालें चाहें तो हल्के स्प्रे के रूप में पत्तियों पर भी छिड़काव करें.
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इसे गुलाब, गुड़हल, मनी प्लांट, टमाटर, मिर्च और अन्य फूल और सब्जियों वाले पौधे के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
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