केले के छिलकों को न समझें बेकार, बनाएं खास लिक्विड खाद, पेड़-पौधों में आएगा काम

29 Jan 2026

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

केले के छिलकों को बेकार समझकर फेंकने के बजाय उसे खाद बनाने में उपयोग करना चाहिए. कृषि एक्सपर्ट्स की मानें तो यह गार्डन और खेतों में पेड़-पौधों के लिए किसी जादू से कम नहीं होगा.

Credit: Pixabay

केले के छिलकों में पौटेशियम फल से भी ज्यादा होता है. साथ ही इसमें कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम और ओमेगा फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पौधों के विकास के लिए अनिवार्य हैं.

Credit: Pixabay

इस लिक्विड खाद को बनाने के लिए घर में बेकार पड़ी बाल्टी या खेतों के लिए बड़े ड्रम को आधा पानी से भर लें. फिर केले के छिलकों को हर दिन इसमें डालते रहें.

Credit: Facebook

लगभग 24 घंटे के भीतर पानी का रंग धीरे-धीरे काला होने लगता है. पानी और पौटेशियम के बीच होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण पानी का रंग काला पड़ने लगता है.

Credit: Facebook

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि इस घोल में लगभग आधा किलो चूना मिला दें. चूना न केवल मिट्टी की अम्लता (Acidity) को कम करता है बल्कि उसके pH लेवल को भी बैलेंस करता है.

Credit: Facebook

करीब दो दर्जन छिलके डालने के साथ 10-15 दिन बीत जाएं, तब छिलकों को छानकर अलग कर लें. अब शक्तिशाली लिक्विड खाद तैयार है.

Credit: Facebook

यह लिक्विड खाद पौधों के लिए ‘इम्युनिटी बूस्टर’ का काम करती है. जिन पौधों में फूल नहीं आ रहे थे, वहां कलियां खिलने लगेंगी. साथ ही मिट्टी अधिक उपजाऊ बनाता है.

Credit: Facebook

खेतों में इस्तेमाल करने पर फसल की गुणवत्ता और वजन दोनों में 10 गुना तक सुधार हो सकता है.

Credit: Pixabay

अगर संभव हो, तो इस घोल में थोड़ा सा गोमूत्र भी मिलाया जा सकता है. हालांकि, यह वैकल्पिक है, लेकिन इसे मिलाने से खाद की शक्ति और अधिक बढ़ जाती है.

Credit: Facebook

Read Next