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'भारत की धरती कोई धर्मशाला नहीं', लखनऊ की राम कथा में बोले CM योगी

लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय 'श्री राम कथा महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की. जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी की राम कथा के मंच से सीएम योगी ने देश की सांस्कृतिक सुरक्षा को लेकर बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नकारात्मक ताकतों के खिलाफ समाज को एकजुट होने का आह्वान किया. सीएम योगी ने कहा कि भगवान राम सभी को जोड़ते हैं और राम भक्तों ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक कड़ा संघर्ष किया है. 

उन्होंने रामायण काल के पात्रों का उदाहरण देते हुए समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखी. मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग भारत के प्रति आस्था और निष्ठा नहीं रखते हैं और यहां के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती कोई धर्मशाला नहीं हो सकती है.

मुख्यमंत्री ने माता जानकी के अपहरण और भगवान राम द्वारा उत्तर-दक्षिण को जोड़ने का प्रसंग साझा किया. उन्होंने कहा कि केरल उच्च न्यायालय द्वारा 2009 और 2011 में व्यक्त की गई चिंताओं का हवाला देते हुए उन्होंने इसे 'रिलिजियस डेमोग्राफी' (धार्मिक जनसांख्यिकी) बदलने की साजिश का हिस्सा बताया. उन्होंने याद दिलाया कि इसी के मद्देनजर यूपी में 2020 में सख्त कानून बनाया गया, लेकिन अब इसके खिलाफ व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता है.

खर-दूषण और मारीच को बताया 'लैंड जिहादी'

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सीएम योगी ने 'लैंड जिहाद' पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि खर-दूषण, मारीच और सुबाहु जैसे राक्षस भी उस कालखंड में इसी काम में जुड़े हुए थे. वे किसी भी जमीन को खाली देखकर जबरन अपना तंबू गाड़ देते थे. उन्होंने चेतावनी दी कि जब भी नकारात्मक ताकतें वर्चस्व में आएंगी, वे समाज को तहस-नहस करेंगी और शिक्षण संस्थानों को बंजर बनाएंगी, जैसा उस दौर में ताड़का और खर-दूषण करते थे. उन्होंने कहा कि नकारात्मक ताकतें हर कालखंड में आएंगी, लेकिन समाज को मिलकर इनके खिलाफ हमेशा तैयार रहना होगा.

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