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'आइसक्रीम खाती दिखी महिला...' VIDEO पर इस्लामिक देश में क्यों मचा बवाल?

आइसक्रीम के विज्ञापन को लेकर एक इस्लामिक देश में बवाल मचा हुआ है. विज्ञापन को ‘सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ’ बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि इससे 'महिलाओं के मूल्यों’ का ‘अपमान’ हुआ है. ईरानी मौलवियों के हंगामे के बाद देश के नियमों में बदलाव किया गया और महिलाओं के विज्ञापन में काम करने पर ही बैन लगा दिया गया.

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ईरानी मौलवियों ने आइसक्रीम निर्माता कंपनी Domino पर कार्रवाई की मांग की (Credit: Unilever)
ईरानी मौलवियों ने आइसक्रीम निर्माता कंपनी Domino पर कार्रवाई की मांग की (Credit: Unilever)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ईरान में हिजाब के खिलाफ हो रहा है प्रदर्शन
  • 1979 से ही ईरान में महिलाओं के लिए कंपलसरी है हिजाब

आइसक्रीम के एक विज्ञापन को लेकर ईरान में बवाल मचा हुआ है. यह विज्ञापन कट्टरपंथी इस्लामिक नेताओं को इतना नागवार गुजरा कि देश में महिलाओं के विज्ञापन में काम करने पर ही रोक लगा दिया गया.

यह ऐलान एक विज्ञापन के रिलीज के बाद किया गया. विज्ञापन में एक महिला लूज फिटिंग हिजाब में नजर आती हैं. वह मैग्नम आइसक्रीम से एक बाइट लेती दिखती हैं. 

विज्ञापन पर ईरानी मौलवियों ने आपत्ति जताई और अधिकारियों से आइसक्रीम निर्माता कंपनी Domino पर कार्रवाई की मांग की. अधिकारियों ने कहा कि यह विज्ञापन ‘सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ’ है और यह ‘महिलाओं के मूल्यों’ का ‘अपमान’ कर रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, अब ईरान के कल्चर और इस्लामिक गाइडेंस मिनिस्ट्री ने एक चिट्ठी जारी कर देश के ‘हिजाब और चेस्टिटी नियमों’ का हवाला देते हुए यह ऐलान किया है कि विज्ञापन में महिलाएं काम नहीं करेंगी.

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यह फैसला सुप्रीम काउंसिल ऑफ कल्चरल रिवोल्यूशन की तरफ से जारी किया गया है. बता दें कि ईरानी नियमों के मुताबिक विज्ञापन में महिला, बच्चों या पुरुषों को किसी ‘वस्तू’ की तरह नहीं दिखाया जा सकता है. हालांकि, अलग-अलग संदर्भ में इसे लोग अलग-अलग तरह से पेश करते रहते हैं.

विज्ञापन में महिलाओं के बैन का फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरानी महिलाएं सड़कों पर होने वाले हिजाब के लिए चेकिंग के खिलाफ सोशल मीडिया पर जमकर प्रदर्शन कर रही हैं.

साल 1979 में हुए इस्लामिल रिवोल्यूशन के बाद से ही ईरान में रिलीजियस कंजर्वेटिव कानून लागू किया जाने लगा. तब से ही महिलाओं के लिए हिजाब कंपलसरी कर दिया गया था. हालांकि, अब इसके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा है.

हाल ही में सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी ने तेहरान रिवोल्यूशनरी कोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि जो महिलाएं हिजाब हटाते हुए खुद का वीडियो बनाएंगी उन्हें एक से 10 साल की जेल की सजा हो सकती है.

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