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'ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं' वाले बयान पर सियासत गर्म, फिर क्या झूठे थे लोगों के आंसू?

'ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं' वाले बयान पर सियासत गर्म, फिर क्या झूठे थे लोगों के आंसू?

कोरोना वायरस महामारी के दूसरी लहर के पीक के दौरान देशवासियों ने देखा कि जगह-जगह पर ऑक्सीजन का संकट है. और लोगों के पास अपनों को बचाने के लिए कोई ऑप्शन नहीं है. अस्पातलों ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन, सरकार ने ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत के दावों को साफ इंकार कर दिया. जिसके बाद हंगामा मच गया और सियासत गर्म हो उठी. केंद्र सरकार ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी से देश मे कोई मौत नहीं हुई. कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल के सवाल पर राज्यसभा में स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ भारती प्रवीण पवार ने बताया कि किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश ने ऑक्सीजन से कमी से कोई भी मौत रिपोर्ट नहीं की है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या केंद्र मृतकों का कर रही है अपमान! देखें वीडियो.

A massive political slugfest over Centre's 'no COVID deaths due to oxygen shortage' during the second wave of Coronavirus pandemic, a statement in Rajya Sabha. Opposition parties accused the government of lying and misleading the people. The government has however said that the states provided no data on deaths due to oxygen shortage. Congress Rahul Gandhi reacted to this and said- everything recorded in tears who lost their loved ones. Hospitals also claimed that many lost their lives in shortage of oxygen, but the Centre denied it as states not provided any stats. Watch the video to know more.

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