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इंसान के विश्वास में उपस्थित होते हैं भगवान

भगवान पत्थर या प्लास्टिक में नहीं होते बल्कि भगवान तो इंसान के विश्वास में उपस्थित होते हैं. व्यक्ति के रक्त में भरोसा नामक जो तत्व होता है वही भगवान होता है. कोई घर में भगवान की मूर्ति पर भरोसा करता है तो कोई मंदिर में. कण-कण में भगवान का वास होता है लेकिन सब आस्था पर निर्भर है. भगवान में आस्था के विषय पर संजय सिन्हा से सुनिए कहानी.

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