scorecardresearch
 

भारत में 2 साल के अंदर 20 करोड़ यूजर्स जुटाने की तैयारी में Signal

Signal अगले दो साल में 10 से 20 करोड़ भारतीय यूजर्स को जोड़ने की करेगा कोशिश. ये बातें WhatsApp के को-फाउंडर और सिग्नल फाउंडेशन के चेयरमैन ब्रायन एक्टन ने एक इंटरव्यू के दौरान कही हैं.

Signal (Getty) Signal (Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी Signal के लिए एक अच्छा मौका है.
  • भारत में कंपनी ने 2 साल में 20 करोड़ यूजर्स जुटाने का लक्ष्य रखा है.

WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी से नाराज यूजर्स का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है. वो WhatsApp छोड़ कर दूसरे मैसेजिंग ऐप की ओर बढ़ रहे है. 


अब भारत के कई टॉप बिजनेसमैन भी वॉट्सऐप छोड़ Signal ऐप की ओर रूख कर रहे है. WhatsApp के को फाउंडर रहे Brian Acton ने भारत में अगले दो साल में 10 करोड़ से 20 करोड़ यूजर्स को Signal से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. 


आपको बता दें कि Brian Acton ने Jan Koum के साथ मिल कर वॉट्सऐप को बनाया था. बाद में 19 बिलियन डॉलर में इसे फेसबुक को बेच दिया था. 2017 में WhatsApp की फेसबुक के साथ मॉनिटाइजिंग पॉलिसी को लेकर हुए विवाद के बाद Brian Acton ने इस्तीफा दे दिया था. बाद में उन्होंने Moxie Marlinspike के साथ मिलकर Signal ऐप को बनाया. 

IANS को दिए एक इंटरव्यू में Brian Acton ने कहा कि WhatsApp अपने यूजर्स नए पॉलिसी को ऐक्सेप्ट करने के लिए को 8 फरवरी तक समय दे रहा है. नए पॉलिसी को ऐक्सेप्ट नहीं करने पर यूजर्स को अपने अकाउंट को डिलीट करना होगा. भारत से Signal ऐप को मिल रहे रिस्पांस से वो काफी उत्साहित है.

Signal ऐप के लिए लगातार यूजर्स ट्वीट कर रहे है. जिसमें बड़े उद्योगपति आनंद महिन्द्रा का नाम भी शामिल है. Brian Acton ने आगे कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो नई टेक्नोलॉजी को बढ़-चढ़ कर अपनाता है. एक बार फिर ऐसा हो रहा है. हमलोगों ने भारत से 100 से 200 मिलियन यूजर्स को 2 साल में Signal से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. 

एक्टन के मुताबिक Signal लोगों के डेटा को उनके पास ही रहने देना चाहता है. इसके स्थापना का उद्देश्य ही लोगों को प्राइवेट चैट की सुविधा देना था. जिसपर कंपनी या सरकार की कोई नजर ना हो. ये state-of-the-art end-to-end encryption का उपयोग करता है. जिससे लोगों का चैट पूरी तरह से प्राइवेट और सिक्योर होता है. एक्टन ने जोर देकर कहा कि ये ऐप लोगों के चैट या कॉल को ऐक्सेस नहीं कर सकता है. 


Signal भारत में हाल के दिनों में काफी लोकप्रिय हो रहा है. इसकी वजह उन्होंने इसके सिंपल इंटरफेस और प्राइवेसी को बतायी. 
उन्होंने बताया कि ऐड बेचने वाली कंपनियां को यूजर्स के डिमांड से कोई मतलब नहीं है. उनके निशाने पर वॉट्सऐप था.

एक्टन के मुताबिक मेलानिया ट्रम्प, एडवर्ड स्नोडेन से लेकर ब्लैक लाइव्स मैटर फाउंडेशन तक Signal ऐप का उपयोग कर रहे है.

इसकी एकमात्र वजह सिक्योरिटी और प्राइवेसी है. Signal किसी भी तरह का ऐड, यूजर ट्रेकिंग, मेटाडेटा को स्टोर नहीं करता है. 
Signal ऐप पर इंजीनियर लगातार काम कर रहे है. ताकि इसको लगातार इंप्रूव किया जा सकें. एक्टन ने बताया कि Signal स्वतंत्र और नॉन-प्राफिट ऐप है. ये डोनेशन और ग्रान्ट से चलता है.


Brian Acton का ये इंटरव्यू ऐसे समय में आया है जब लोग WhatsApp से नाराज होकर Signal ऐप की ओर जा रहे है. माना जा रहा है कि इस इंटरव्यू के जरिए भारतीय बाजार में Signal ऐप के यूजर्स को बढ़ाना है. किसी भी टेक कंपनी के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार है. इसी को साधने की कोशिश इस इंटरव्यू के जरिए Brian Acton ने की है.
 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें