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Phone Unlock करके इस शख्स ने कमाए करोड़ों, ऐसे करता था काम, अब होगी सजा

Password Hack: बहुत पहले रिलायंस के फोन्स कैरियर लॉक के साथ आते थे. उस वक्त बाजार में जियो नहीं बल्कि रिलायंस कम्युनिकेशन (Rcom) मौजूद था. कैरियर लॉक फोन्स में आप दूसरे कंपनी के सिम कार्ड यूज नहीं कर सकते थे. अब भारत में ऐसे फोन्स कम आते हैं, लेकिन विदेशों में यह चलन कायम है. एक शख्स ने ऐसे ही फोन्स के लॉक को खोलकर लगभग 2.5 करोड़ डॉलर (कोई 198.41 करोड़ रुपये) बनाए हैं. आइए जानते हैं कैसे इस शख्स ने ये सब किया.

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कई तरीकों से चुराता था पासवर्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर) कई तरीकों से चुराता था पासवर्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पासवर्ड चोरी की बदौलत एक शख्स ने 2.5 करोड़ डॉलर (लगभग 198.41 करोड़ रुपये) बनाए हैं. मामला अमेरिका के कैलिफोर्निया का है, जहां Argishti Khudaverdyan को पासवर्ड चोरी से लाखों डॉलर बनाने के मामले में दोषी पाया गया है. 44 साल के Argishti Khudaverdyan ने T-Mobile के सिस्टम को हैक करके यूजर्स के फोन्स को अनलॉक किया और इसके बदले पैसे लिए हैं. 

दरअसल, अमेरिकी बाजार में बहुत से स्मार्टफोन मोबाइल कैरियर लॉक के साथ आते हैं. यानी इस स्मार्टफोन में आप दूसरी कंपनी के सिम कार्ड यूज नहीं कर सकते हैं. ऐसे ही कई डिवाइस T-Mobile नाम की एक कंपनी बेचती है. 

खुद ही बेचता था T-Mobile के फोन

दोषी पाया गया शख्स खुद भी T-Mobile का स्टोर मालिक है. इसका स्टोर लॉस एंजेलिस के ईगल रॉक एरिया में है. रिपोर्ट्स की मानें तो इस शख्स ने अनऑथराइज्ड तरीके से यूजर्स के फोन को अनलॉक किया है, जिससे वह दूसरे कंपनी का नेटवर्क अपने फोन में इस्तेमाल कर सकते हैं.

इस तरह से शख्स ने लगभग 2.5 करोड़ डॉलर की कमाई की है. Khudaverdyan ऐसे कस्टमर्स के फोन अनलॉक करता था, जिनका लॉक्ड कैरियर T-Mobile था.

ऐसे चोरी करता था पासवर्ड

इसके लिए वह कंपनी के कर्मचारियों को फिशिंग ईमेल भेजता था, जिससे उसके हाथ कंपनी के इंटरनल सिस्टम का एक्सेस लगा. फिशिंग ईमेल में फंसने वाले यूजर्स के क्रेडेंशियल्स चुराकर Khudaverdyan दूसरे यूजर्स के फोन को अनलॉक करता था. 

रिपोर्ट्स की मानें तो इस शख्स ने लाखों फोन्स को अनलॉक किया है. इसके Apple iPhone तक को अनलॉक किया है. दोषी ने साल 2014 से 2019 तक इन फोन्स को अनलॉक किया था. इन फोन्स की लिस्ट में चोरी और खोए हुए डिवाइस भी शामिल हैं.

प्रचार करके लोगों को बुलाता था

Khudaverdyan अपनी इस स्कीम का प्रचार भी किया था. इसके लिए उसने ब्रोकर, ईमेल और वेबसाइट्स तक का सहारा लिया. रिपोर्ट्स की मानें तो उसे इन फोन्स को अनलॉक करने के लिए 50 से ज्यादा कर्मचारियों के पासवर्ड चोरी किए. इस मामले में Khudaverdyan को दोषी पाया गया है और कोर्ट उसे 17 अक्टूबर को सजा सुनाएगा. 

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