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ओलंपिक में इतिहास रचने के बाद बोलीं पीवी सिंधु- रियो में सिल्वर से टोक्यो में ब्रॉन्ज जीतना था ज्यादा कठिन

कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतने के कुछ देर बाद पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) अभियान कठिन था और कांस्य रियो ओलंपिक में उनके रजत पदक की तुलना में जीतना ज्यादा कठिन था. सिंधु ने जीत के बाद कहा कि बहुत लोगों को उम्मीद नहीं थी कि वह 2016 में रियो ओलंपिक में सिल्वर जीतेंगी.

PV Sindhu PV Sindhu
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में जीता कांस्य
  • रियो ओलंपिक में सिंधु को मिला था सिल्वर
  • 'रियो में सिल्वर जीतने से ज्यादा कठिन रहा ब्रॉन्ज जीतना'

PV Sindhu won Bronze Medal: स्टार शटलर पीवी सिंधु ने रविवार को टोक्यो ओलंपिक में चीन की बिंग जियाओ को सीधे सेटों में हराकर बैडमिंटन महिला सिंगल के मुकाबले का ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया. सिंधु इससे पहले रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं और इस तरह वह ओलंपिक में दो मेडल जीतने वालीं पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं. पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में शनिवार को मिली हार से वापसी करते हुए रविवार को चीनी खिलाड़ी को 21-13, 21-15 से हरा दिया.

कांस्य पदक जीतने के कुछ देर बाद पीवी सिंधु ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक अभियान कठिन था और कांस्य रियो ओलंपिक में उनके रजत पदक की तुलना में जीतना ज्यादा कठिन था. सिंधु ने जीत के बाद कहा कि बहुत लोगों को उम्मीद नहीं थी कि वह 2016 में रियो ओलंपिक में सिल्वर जीतेंगी.

उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में दबाव काफी ज्यादा था. सिंधु ने कहा कि शनिवार को चीनी ताइपे की खिलाड़ी से सेमीफाइनल में हारने के बाद उनके दिमाग में बहुत सारे इमोशंस चल रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने खेल पर ध्यान लगाने के लिए कड़ी मेहनत की.

सिंधु ने आगे कहा, "यह मुझे वास्तव में बहुत खुश महसूस करा रहा है, क्योंकि मैंने इतने सालों तक कड़ी मेहनत की है. मेरे अंदर बहुत सारे इमोशंस चल रहे थे- क्या मुझे खुश होना चाहिए कि मैंने कांस्य जीता या दुखी हूं कि मैंने फाइनल में खेलने का मौका खो दिया? लेकिन कुल मिलाकर, मुझे इस एक मैच के लिए अपने इमोशंस को रोकना करना पड़ा और मैच में मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया. मैं वास्तव में काफी खुश हूं और मुझे लगता है कि मैंने अच्छा प्रदर्शन किया है. देश के लिए मेडल जीतना गर्व का पल है.''

बता दें कि सिंधु ने चीन की बिंग जियाओ को सिर्फ 53 मिनट लंबे चले मैच में पराजित कर दिया. सिंधु पहले गेम से ही चीनी खिलाड़ी पर हावी दिखीं. हालांकि, दूसरे गेम में कुछ प्वाइंट्स के लिए कड़ी टक्कर भी हुई, लेकिन आखिरकार शानदार स्मैश और बाकी खेल के बदौलत उन्होंने बिंग जियाओ से मुकाबला जीत लिया. 

 

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