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खेल मंत्रालय ने फिर खटखटाया दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा

2 जून को खेल मंत्रालय की तरफ से 54 फेडरेशन को अस्थाई मान्यता दी गई थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद खेल मंत्रालय को इसे वापस लेना पड़ा.

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खेल मंत्रालय ने 54 नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन को दोबारा मान्यता देने के लिए फिर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मंत्रालय ने हाईकोर्ट के 24 जून के आदेश पर 25 जून को 24 घंटे के भीतर ही 54 स्पोर्ट्स फेडरेशन की इस साल की अस्थाई मान्यता को रद्द कर दिया था. 2 जून को खेल मंत्रालय की तरफ से 54 फेडरेशन को अस्थाई मान्यता दी गई थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद खेल मंत्रालय को इसे वापस लेना पड़ा.

दिल्ली हाईकोर्ट ने 7 फरवरी को एक आदेश दिया था, जिसमें कहा था कि खेल मंत्रालय फेडरेशन से जुड़े किसी भी फैसले को करने से पहले हाईकोर्ट की मंजूरी लेगा, लेकिन अस्थाई मान्यता से जुड़े नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट की मंजूरी लिए बिना ही जारी कर दिया गया था. खेल मंत्रालय ने 54 नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन को अस्थाई मान्यता 30 सितंबर तक देने के लिए दोबारा अर्जी लगाई है.

केंद्र सरकार के वकील अनिल सोनी ने 'आजतक' से कहा, 'कोर्ट हमारी अर्जी पर 2 जुलाई को सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. कोरोना के चलते फेडरेशन का ऑडिट नहीं हो पाया है, इसीलिए सिर्फ 30 सितंबर तक के लिए अस्थाई मान्यता देने के लिए हमने कोर्ट में अर्जी लगाई है क्योंकि मान्यता न होने के कारण फेडरेशन के खिलाड़ी प्रैक्टिस करने स्टेडियम तक में नहीं जा सकते.'

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उन्होंने कहा, 'अस्थाई मान्यता रद्द होने के बाद सभी फेडरेशन को मिलने वाली सरकारी आर्थिक मदद बंद हो जाएगी. इसके अलावा फेडरेशन में काम करने वाले लोगों की तनख्वाह भी सभी फेडरेशन नहीं दे सकते. मान्यता न होने की सूरत में फेडरेशन के पास स्पॉन्सर्स भी नहीं रहते. ऐसे में फेडरेशन को चलाने के लिए अस्थाई मान्यता जरूरी है.'

24 जून को दिए अपने हालिया आदेश में दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कर दिया था कि खेल मंत्रालय न सिर्फ अपने किसी भी फैसले की जानकारी देगा, बल्कि फैसला करने से पहले कोर्ट की इजाजत लेना भी अनिवार्य होगा. इन सभी फेडरेशन को एक साल की अस्थाई मान्यता (प्रोविजनल रिकॉग्निशन) मिलती थी, जिसे खेल मंत्रालय को रिन्यू करना होता है. मार्च में कोरोना होने के कारण मान्यता देने में खेल मंत्रालय को देरी हुई, जिसके चलते इन सभी स्पोर्ट्स फेडरेशन को आर्थिक राशि सरकार की तरफ से जारी नहीं हो सकी.

अस्थाई मान्यता मिलने के बाद ही स्पोर्ट्स फेडरेशन सरकारी अनुदान हासिल कर पाते हैं. दिल्ली हाईकोर्ट में स्पोर्ट्स फेडरेशन में कई अनियमितताओं के बारे में बताते हुए याचिका लगाई गई थी, जिस पर पिछले काफी समय से सुनवाई चल रही है. इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि फेडरेशन में आर्थिक अनियमितताएं और पद के दुरुपयोग से जुड़े कई उदाहरण हैं.

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