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होल्डर बोले- सिर्फ 'घुटने टेकने' से काम नहीं चलने वाला, आंदोलन में नई जान फूंकने की जरूरत

वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जेसन होल्डर का मानना है कि क्रिकेट में नस्लवाद विरोधी आंदोलन मैचों से पहले एक घुटने के बल पर बैठकर सांकेतिक समर्थन तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए और इसके कुछ मायने होने चाहिए.

Players taking a knee before match (File) Players taking a knee before match (File)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'ब्लैक लाइव्स मैटर' (अश्वेतों का जीवन मायने रखता है) पर बोले होल्डर
  • नस्लवाद विरोधी आंदोलन को आगे बढ़ाने के ​लिए और अधिक प्रयास करने का आग्रह किया

वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जेसन होल्डर का मानना है कि क्रिकेट में नस्लवाद विरोधी आंदोलन मैचों से पहले एक घुटने के बल पर बैठकर सांकेतिक समर्थन तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए और इसके कुछ मायने होने चाहिए.

अमेरिका में अफ्रीकी मूल के जॉर्ज फ्लायड की एक श्वेत पुलिस अधिकारी के हाथों मौत के बाद 'ब्लैक लाइव्स मैटर' (अश्वेतों का जीवन मायने रखता है) आंदोलन शुरू हुआ था. वेस्टइंडीज उन पहली दो अंतरराष्ट्रीय टीमों में शामिल था, जिसके खिलाड़ियों ने एक घुटने के बल पर बैठकर इसका समर्थन किया था.

ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार होल्डर ने कहा, 'मैंने इसको लेकर कुछ चर्चा की थी और मुझे लगता है कि कुछ लोगों को लगता है कि मैचों से पहले की जाने वाली यह अप्रभावी क्रिया है. मैं इस आंदोलन में नई जान फूंकने के लिए कुछ नई पहल देखना चाहता हूं.'

उन्होंने कहा, 'मैं नहीं चाहता था कि लोग केवल यह सोचें कि वे 'ब्लैक लाइव्स मैटर' के लिए घुटने टेक रहे हैं क्योंकि यही परंपरा है, यही चलन है. इसका कुछ अर्थ होना चाहिए.'

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज से पहले खिलाड़ियों से नस्लवाद विरोधी आंदोलन को आगे बढ़ाने के ​लिए और अधिक प्रयास करने का आग्रह भी किया.
 

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