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16 साल के प्रज्ञानानंद ने इस साल दूसरी बार वर्ल्ड नंबर-1 चेस मास्टर को मात दी, कार्लसन ने 40वीं चाल में की बड़ी गलती

भारत के युवा चेस ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने इससे पहले 21 फरवरी को ऑनलाइन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट एयरथिंग्स मास्टर्स के आठवें दौर में कार्लसन को 39 चाल में शिकस्त दी थी...

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Praggnanandhaa vs Magnus carlsen (Twitter) Praggnanandhaa vs Magnus carlsen (Twitter)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रज्ञानानंद को तीन महीने में दूसरी बार बड़ी सफलता
  • दुनिया के नंबर-1 चेस मास्टर को दूसरी बार हराया

Praggnanandhaa vs Magnus carlsen: भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने शतरंज के मैदान में इस साल दूसरी बार एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. 16 साल के भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दुनिया के नंबर-1 चेस मास्टर मैग्नस कार्लसन को तीन महीने में दूसरी बार करारी शिकस्त दी है.

प्रज्ञानानंद ने इससे पहले 21 फरवरी को ऑनलाइन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट एयरथिंग्स मास्टर्स के आठवें दौर में कार्लसन को 39 चाल में शिकस्त दी थी. दूसरी बार भी चेसेबल मास्टर्स टूर्नामेंट में में हराया है. चेसेबल मास्टर्स एक 16 खिलाड़ियों का ऑनलाइन रैपिड चेस टूर्नामेंट है.

40वीं चाल में बड़ी गलती पड़ी कार्लसन को भारी

टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंद और कार्लसन के बीच पांचवें राउंड में मुकाबला खेला जा रहा था. यह मैच काफी रोमांचक रहा. एक समय यह मुकाबला दोनों के बीच ड्रॉ होने जा रहा था. तभी 40वीं चाल के बाद कार्लसन ने एक बड़ी गलती कर दी और इसका खामियाजा उन्हें हार के साथ भुगतना पड़ा. 40वीं चाल में गलती के बाद अगली ही चाल में प्रज्ञानानंद ने कार्लसन को मात दे दी.

चेसेबल मास्टर्स टूर्नामेंट के दूसरे दिन के बाद कार्लसन 15 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि प्रज्ञानानंद 12 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं. चीन के वेई यी 18 के स्कोर के साथ टॉप पर हैं, इसके बाद डेविड एंटोन हैं, जिनके पास 15 का स्कोर है.

प्रज्ञानानंद को क्रिकेट का भी शौक

चेन्नई के प्रज्ञानानंद ने 2018 में प्रतिष्ठित ग्रैंडमास्टर खिताब हासिल किया. प्रज्ञानानंद यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के सबसे कम उम्र के और उस समय दुनिया में दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे. प्रज्ञानानंद सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर की सर्वकालिक सूची में पांचवें स्थान पर हैं.

भारत के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आंनद ने उनका मार्गदर्शन किया है. ग्रैंडमास्टर बनने के बाद से प्रज्ञानानंद ने लगातार प्रगति की लेकिन इसके बाद कोविड-19 महामारी के कारण कई टूर्नामेंट रुक गए. प्रज्ञानानंद को क्रिकेट पसंद है और उन्हें जब भी समय मिलता है तो वह मैच खेलने के लिए जाते हैं.

 

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