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IPL: एक कैच छोड़ने को कितना महंगा बना सकते हैं, क्विंटन डिकॉक से नहीं ब्रायन लारा से पूछिए

IPL में लखनऊ टीम के क्विंटन डिकॉक का कोलकाता टीम के फील्डर अभिजीत तोमर ने आसान कैच छोड़ दिया था. इसके बाद डिकॉक ने नाबाद 140 रन जड़ दिए...

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Quinton de Kock and Brian Lara (Twitter) Quinton de Kock and Brian Lara (Twitter)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ब्रायन लारा की फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी
  • 18 रन पर कैच छूटा, तो लारा ने बनाए नाबाद 501 रन

क्रिकेट में एक कहावत हमेशा प्रचलित है 'कैच विन मैच' 'Catches Win Matches' यानी कैच लीजिए और मैच जीतिए. क्रिकेट में कैच छोड़ना मत मैच हारने का जोखिम होता है. जिस प्लेयर का कैच छूटता है, वह आगे कितने रन बनाएगा, यह कहना मुश्किल होता है.

ऐसा ही कुछ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बुधवार (18 मई) को भी देखने को मिला. यहां लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के ओपनर क्विंटन डिकॉक का 12 रन पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के फील्डर अभिजीत तोमर ने आसान कैच छोड़ दिया था. इसके बाद डिकॉक ने नाबाद 140 रन जड़ दिए. यानी डिकॉक ने यह कैच 128 रन महंगा कर दिया.

जीवनदान मिलने के डिकॉक ने कप्तान केएल राहुल के साथ 210 रनों की नाबाद ओपनिंग पार्टनरशिप की. यह टी20 क्रिकेट की दूसरी सबसे बड़ी नाबाद ओपनिंग पार्टनरशिप भी रही. टी20 फॉर्मेट में सबसे बड़ी नाबाद 213 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप का रिकॉर्ड जिब्राल्टर टीम के बालाजी पेई और लुईस ब्रूस के नाम है. उन्होंने इसी साल 13 मई को ही बुल्गारिया के खिलाफ यह रिकॉर्ड बनाया था.

क्रिकेट इतिहास का वो कैच छूटना ...

हम यहां सबसे महंगा कैच छूटने की बात कर रहे हैं. यदि आपको क्रिकेट में सबसे महंगा कैच छूटने के बारे में जानना है, तो डिकॉक से नहीं, वेस्टइंडीज के लीजेंड ब्रायन लारा से पूछिए. एक काउंटी मैच में लारा को जीवनदान मिला था. उन्होंने इसका फायदा उठाया और उसके बाद 483 रन जड़ दिए थे. यानी डिकॉक के 128 रन के मुकाबले यह करीब पौने चार गुना ज्यादा है. लारा ने उस मैच में वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया था, जो अब तक नहीं टूटा.

28 साल पहले लारा ने बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड

कैच छूटने का यह दिलचस्प वाकया 3 जून 1994 का है. तब ब्रायन लारा काउंटी चैम्पियनशिप में वारविकशायर की ओर से खेल रहे थे. एजबेस्टन (बर्मिंघम) में डरहम के खिलाफ मैच खेला गया, जिसमें लारा कई बार आउट होने से बचे थे. तब तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे लारा पहली ही गेंद पर बाल-बाल बचे थे. वह एंडरसन कमिंस की गेंद पर हुक करने गए थे और वह कैच विकेटकीपर की पहुंच से बाहर रहा, नहीं तो कॉट एंड बोल्ड पक्का था.

इतना ही नहीं, वेस्टइंडीज के साथी बॉलर कमिंस ने एक और मौका गंवाया. लारा को उन्होंने बोल्ड कर दिया था, लेकिन वह नो-बॉल निकली. 12 रन बनाकर खेल रहे लारा फिर बच गए. उस दिन किस्मत लारा के साथ थी. 6 रन बाद ही, यानी जब लारा 18 रन पर थे, तब साइमन ब्राउन की गेंद पर विकेटकीपर क्रिस स्कॉट ने उनका आसान कैच टपका दिया. इसके बाद लारा ने इस कैच को 483 रन महंगा कर दिया. उन्होंने कुल 501 रनों की रिकॉर्ड पारी खेली.

यानी स्कॉट का वह कैच छोड़ना इतना महंगा पड़ा कि लारा ने उस पारी में 100, 200 नहीं, बल्कि नाबाद 501 रन बना डाले. लारा की टीम ने 4 विकेट पर 810 रन बनाकर पारी घोषित की. लारा ने 427 गेंदों पर 501* रन बनाए, जिसमें उनके 62 चौके और 10 छक्के शामिल रहे. इससे पहले डरहम ने 556/8d रन बनाए थे. यह मैच ड्रॉ रहा.

लारा ने तोड़ा था हनीफ का वर्ल्ड रिकॉर्ड

इसके साथ ही लारा ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट (First class cricket) की एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. लारा ने हनीफ मोहम्मद का 35 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. पाकिस्तानी दिग्गज हनीफ मोहम्मद ने कराची की और से खेलते हुए जनवरी 1959 में बहावलपुर के खिलाफ 499 रन बनाए थे. दरअसल, तब वह कराची के पारसी इंस्टीट्यूट ग्राउंट में रन आउट हो गए थे और महज एक रन से 500 का आंकड़ा छू नहीं पाए थे.

प्रथम श्रेणी क्रिकेट की चार सबसे बड़ी पारियां

1. ब्रायन लारा (वारविकशायर) विरुद्ध डरहम- 501* रन (1994)
2. हनीफ मोहम्मद (कराची) विरुद्ध बहावलपुर- 499 रन (1959 )
3. डॉन ब्रैडमैन (न्यू साउथ वेल्स) विरुद्ध क्वींसलैंड- 452* रन (1930)
4. बीबी निंबालकर (महाराष्ट्र) विरुद्ध काठियावाड़- 443* रन (1948)

 

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