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टूटे अंगूठे से भी बल्लेबाजी करने को तैयार थे जडेजा, कहा- टीम की जरूरतें पूरी करने में बहानेबाजी नहीं चलती

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अगर किसी चीज ने जडेजा को सबसे ज्यादा परेशान किया तो वो थी उनकी चोट. रविंद्र जडेजा चोट के कारण ही टी-20 के आखिरी मैच से बाहर हुए थे, फिर बाद में उन्हें ब्रिस्बेन टेस्ट से भी बाहर होना पड़ा था.

टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा (फाइल फोटो) टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में टीम इंडिया ने दी मात
  • मेलबर्न टेस्ट की जीत में जडेजा का था अहम रोल
  • अजिंक्य रहाणे के साथ की थी अहम साझेदारी

टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने न केवल बल्ले से, बल्कि गेंद से भी धमाल मचाया. दौरे पर अगर किसी चीज ने जडेजा को सबसे ज्यादा परेशान किया तो वो थी उनकी चोट. रविंद्र जडेजा चोट के कारण ही टी-20 के आखिरी मैच से बाहर हुए थे, फिर बाद में उन्हें ब्रिस्बेन टेस्ट से भी बाहर होना पड़ा था, लेकिन टीम इंडिया का ये खिलाड़ी मानता है कि टीम की जरूरतों को पूरा करने के लिए कोई बहानेबाजी नहीं चलती. उन्होंने कहा कि वो सिडनी टेस्ट में टूटे अंगूठे से भी बल्लेबाजी करने को तैयार थे. 

बता दें कि अहम खिलाड़ियों के घायल होने के बावजूद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा किया. चार टेस्ट मैचों की सीरीज को टीम इंडिया ने 2-1 से अपने नाम किया. एडिलेड टेस्ट में 36 रनों पर सिमटने वाली टीम इंडिया ने मेलबर्न में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की.

टीम इंडिया की इस जीत की नींव कप्तान अजिंक्य रहाणे और रविंद्र जडेजा की साझेदारी ने रखी. जडेजा ने इस मैच में 57 रनों की पारी खेली. इसके बाद सिडनी टेस्ट में उन्होंने गेंद से कमाल किया और 4 विकेट झटके. वहीं, उन्होंने 28 रन भी बनाए, लेकिन इस दौरान उनके अंगूठे पर चोट लगी, जिसके कारण चौथे टेस्ट से वो बाहर हो गए. 

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रविंद्र जडेजा ने कहा कि मुझे लगता है कि एडिलेड की हार के बाद चीजें मुश्किल थीं. ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वापसी कैसे करनी है, ये आपको पता होना चाहिए. ये मुश्किल था, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया का गेंदबाजी आक्रमण मजबूत है और टीम मीटिंग में भी इसी पर चर्चा होती थी. 

जडेजा ने कहा कि एडिलेड टेस्ट के बाद हमने इसे तीन मैचों की सीरीज के तौर पर देखना शुरू कर दिया. हमने तय किया कि हम मैदान में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करेंगे और एडिलेड टेस्ट के बारे में बात नहीं करेंगे. हम एक-दूसरे का विश्वास बढ़ाएंगे.

टीम इंडिया के इस ऑलराउंडर ने कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से फैसला किया कि मैं ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजी का अभ्यास करूंगा. जडेजा ने कहा कि मेरी सकारात्मक सोच थी कि जब भी मुझे मौका मिलेगा मैं टीम के लिए अपना योगदान दूंगा. 

 

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