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IND vs AUS T20: '19वां ओवर चिंता का विषय... हर बार रन लुटा रहे', भुवनेश्वर कुमार पर भड़के सुनील गावस्कर

टीम इंडिया को डेथ ओवर्स में नाकामी हासिल हो रही है. 19वां ओवर फेंकने आ रहे भुवनेश्वर कुमार रन लुटा रहे हैं. इससे भारतीय टीम अपने स्कोर का बचाव नहीं कर पा रही है. मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी20 में भी उन्होंने 19वें ओवर में 16 रन दिए. सुनील गावस्कर ने अपनी प्रतिक्रिया जताई है.

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Bhuvneshwar Kumar (Getty)
Bhuvneshwar Kumar (Getty)

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में टीम इंडिया की शुरुआती हार पर महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने अपनी प्रतिक्रिया जताई है. गावस्कर का मानना ​​है कि अगले महीने शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से पहले सीनियर तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का डेथ ओवरों में खराब प्रदर्शन भारत के लिए ‘वास्तविक चिंता’ है. 

भुवनेश्वर ने पिछले कुछ मैच में डेथ ओवरों में काफी रन लुटाए हैं. मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी20 में भी उन्होंने 19वें ओवर में 16 रन दिए, जिससे ऑस्ट्रेलिया 209 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज करने में सफल रहा.

गावस्कर ने ‘स्पोर्ट्स टुडे’ से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि बहुत अधिक ओस थी. हमने फील्डर्स या गेंदबाजों को अपनी उंगलियों को सुखाने के लिए तौलिए का उपयोग करते नहीं देखा. यह कोई बहाना नहीं है. हमने अच्छी गेंदबाजी नहीं की. उदाहरण के लिए, वहां 19वां ओवर, वह वास्तविक चिंता का विषय है.’

भुवनेश्वर कुमार पर इतना भरोसा..?

उन्होंने कहा, ‘भुवनेश्वर कुमार जैसे गेंदबाज को जब भी गेंद सौंपी जा रही है तो वह हर बार रन लुटा रहे हैं. उसने पाकिस्तान, श्रीलंका और अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच में -18 गेंदों में (19वें ओवर में गेंदबाजी करते हुए) 49 रन दिए हैं.’ गावस्कर ने कहा, ‘यह लगभग तीन रन प्रति गेंद हैं. उनके जैसे अनुभव और क्षमता के गेंदबाज के साथ आप उम्मीद करते हैं कि वह उन 18 गेंदों में 35 से 36 रन देंगे. यह वास्तव में चिंता का विषय है.’

पूर्व कप्तान ने कहा कि भारत अच्छे स्कोर का बचाव करने में भी सफल नहीं हो पा रहा, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि जसप्रीत बुमराह की वापसी से गेंदबाजी विभाग को मजबूती मिलेगी. बुमराह इस साल जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के बाद से ही बाहर हैं क्योंकि वह पीठ की पुरानी चोट से उबर रहे थे.

'बुमराह के आने से अलग स्थिति हो'

गावस्कर ने कहा, ‘हमने पिछले कुछ वर्षों में देखा है कि यह उन क्षेत्रों में से एक रहा है जहां भारत को नुकसान उठाना पड़ा है. वे अच्छे स्कोर का बचाव करने में भी सक्षम नहीं हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हो सकता है कि जब बुमराह आएं तो यह पूरी तरह से अलग स्थिति हो, क्योंकि वह शीर्ष क्रम के विकेट चटकाते हैं. भारत को आज (मंगलवार) वह नहीं मिले और ऑस्ट्रेलिया ने तेजतर्रार शुरुआत की.’ इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘हालांकि यह केवल पहला मैच था. मत भूलिए कि ऑस्ट्रेलिया विश्व चैम्पियन है. उनसे असाधारण चीजें करने की उम्मीद की जाती है.’

शास्त्री भी खराब फील्डिंग पर बोले -

पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भी पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के खराब फील्डिंग की आलोचना की. भारतीय फील्डर्स ने 208 रनों के स्कोर का बचाव करते हुए कैमरन ग्रीन (30 गेंदों में 61 रन) और मैथ्यू वेड (21 गेंदों पर नाबाद 45) सहित तीन कैच छोड़े.

कमेंट्री बॉक्स में मौजूद शास्त्री ने कहा, ‘यदि आप पिछली सभी शीर्ष भारतीय टीम देखें तो उनमें युवा और अनुभव का अच्छा मिश्रण रहा है. मुझे यहां युवा गायब दिख रहा है और इसलिए फील्डिंग पर असर पड़ा है.’ उन्होंने कहा, ‘अगर आप पिछले पांच से छह साल को देखें तो मुझे लगता है कि फील्डिंग के मामले में यह टीम शीर्ष टीम में से किसी को भी टक्कर नहीं देती. यह बड़े टूर्नामेंटों में काफी नुकसानदायक हो सकता है.’

कोई जडेजा नहीं है... वह एक्स-फैक्टर कहां है?

भारत के पूर्व मुख्य कोच ने कहा, ‘इसका मतलब है कि एक बल्लेबाजी इकाई के रूप में आपको हर मैच में 15 से 20 रन अधिक बनाने होंगे क्योंकि अगर आप टीम के चारों ओर देखते हैं तो प्रतिभा कहां है? कोई जडेजा नहीं है. वह एक्स-फैक्टर कहां है?’

सबसे पहले अक्षर पटेल ने 42 रनों के निजी स्कोर पर ग्रीन को डीप मिडविकेट पर जीवनदान दिया. केएल राहुल अगले ओवर में लॉन्ग ऑफ पर कैच लपकने में नाकाम रहे. हालांकि जो कैच महंगा साबित हुआ वह मैथ्यू वेड का था, जिनका हर्षल पटेल ने 18वें ओवर में अपनी ही गेंद पर कैच टपकाया, जबकि बल्लेबाज एक रन बनाकर खेल रहा था. वेड ने 21 गेंदों में नाबाद 45 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को चार गेंदें शेष रहते जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

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