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लॉर्ड्स का वो अजीब दृश्य... जब न्यूड शख्स ने लगाई थी मैदान में छलांग

खेल के दौरान मैदान पर स्ट्रीकर का घुस आना कोई नई बात नहीं हैं. स्ट्रीकर ऐसे दर्शक को कहा जाता है, जो अपने सारे कपड़े उतार कर मैदान में प्रवेश कर जाता है.

First streaker on a cricket field during a 'boring' Ashes Test in 1975 (Getty) First streaker on a cricket field during a 'boring' Ashes Test in 1975 (Getty)

  • पहली बार 1975 में क्रिकेट के मैदान में घुसा 'स्ट्रीकर'
  • माइकल एंजेलो की उस हरकत से दंग रह गए थे सभी

खेल के दौरान मैदान पर स्ट्रीकर का घुस आना कोई नई बात नहीं हैं. स्ट्रीकर ऐसे दर्शक को कहा जाता है, जो अपने सारे कपड़े उतार कर मैदान में प्रवेश कर जाता है और अपनी चहलकदमी से खेल को बाधित करने की कोशिश करता है. कई बार खेल के दौरान जोश या मस्ती की वजह से दर्शक ऐसी हरकतें करते हैं.

क्रिकेट में पहली बार 45 साल पहले आज ही (4 अगस्त) 1975 में स्ट्रीकर को देख सभी दंग रह गए थे, वो भी क्रिकेट के मक्का- लॉर्ड्स में. तब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज का दूसरा टेस्ट जारी था. इस दौरान पहले स्ट्रीकर के तौर पर माइकल एंजेलो, जो मर्चेंट नेवी में कुक था, का नाम इतिहास में दर्ज हो गया.

दावा तो यह भी किया जाता है कि माइकल एंजेलो किसी टेस्ट के दौरान मैदान पर उतरने वाला पहला स्ट्रीकर नहीं था. इस तरह की घटना एक साल पहले ऑकलैंड में हो चुकी थी, जब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट के दौरान दो बार स्ट्रीकर को मैदान में घुसते देखा गया था. खैर, पहले स्ट्रीकर के तौर पर जाने गए माइकल एंजेलो का किस्सा बड़ा दिलचस्प है.

दरअसल, 31 जुलाई से 5 अगस्त 1975 के दौरान खेले गए उस लॉर्ड्स टेस्ट का चौथा दिन काफी उबाऊ था. उस वक्त इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 399/6 रन बनाए थे. बॉब वूल्मर और एलन नॉट क्रीज पर थे, तभी 24 साल के उस शख्स (माइकल एंजेलो) ने दौड़ लगाते हुए स्टंप्स के ऊपर से छलांग लगाई. वैसे दर्शक, जो उस वक्त मैदान पर छाई सुस्ती से ऊंघ रहे थे, अचानक इस अजीब दृश्य को देखकर हैरान रह गए.

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स्ट्रीकर- इंग्लैंड का माइकल एंजेलो (Getty)

लॉर्ड्स के नर्सरी छोर से घुसे उस स्ट्रीकर को माउंट स्टैंड छोर पर सुरक्षाकर्मियों ने घेर लिया और मैदान से बाहर ले गए. आखिरकार मैजिस्ट्रेट ने उस पर 10 पाउंड का जुर्माना लगाया. मजे की बात है कि मैदान पर न्यूड होकर घुसने की शर्त जीतने पर उसे उतने ही पाउंड मिले थे.

माइकल ने 7 साल पहले उस घटना का याद करते हुए कहा था, 'यह मैच काफी उबाऊ था. ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों के साथ थोड़ा मजाक चल रहा था. मैं पी रहा था, लेकिन इतना भी नहीं... अगर ऐसा रहता, तो स्टंप पर कूद नहीं पाता. इससे ज्यादा मुझे याद नहीं.'

इसके बाद तो स्ट्रीकरों ने मैदान पर लगातार धावा बोला और खेल को बाधित किया. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल को सार्वजनिक तौर पर बयान देना पड़ा कि वह मैदान में स्ट्रीकरों से गंभीरता से निपटेंगे. फरवरी 1977 में ऑकलैंड के ईडन पार्क पार्क में खेले गए न्यूजीलैंड-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दूसरे टेस्ट के दौरान चैपल ने एक स्ट्रीकर की खूब खबर ली थी.

मैदान में घुस आए स्ट्रीकर का चैपल ने पीछा किया, उसे पकड़ा और बल्ले से उसकी पिटाई. लेकिन इसके बाद चैपल की एकाग्रता भंग हो गई और वह 58 रन बनाकर रन आउट हो गए. बाद में पता चला उस स्ट्रीकर का नाम लियोनार्ड ब्रूस मैकॉले था. पिटाई से खफा उस स्ट्रीकर ने चैपल को अदालत तक खींचने की कोशिश की. लेकिन उल्टे उसे ही उपनी हरकत के लिए जुर्माना भरना पड़ा.

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