स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि यह पुलिस की योजना थी, जिन्होंने खुद मुकदमा दर्ज करवाया और कोर्ट के आदेश पर उसे पुनः दर्ज किया गया. कानूनी प्रक्रिया के तहत अब पुलिस ने दोनों पीड़ित शिष्यों का मेडिकल करवाया है और उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है.