यूरोप में 40 डिग्री तापमान आपात स्थिति जैसा माना जाता है, जबकि भारत के कई हिस्सों में यही तापमान सामान्य माना जाता है. इसके पीछे केवल गर्मी नहीं, बल्कि नमी, इमारतों की बनावट, लोगों की जीवनशैली, मौसम के अनुसार तैयारियां और शरीर की अनुकूलन क्षमता जैसे कई कारण जिम्मेदार हैं. जलवायु परिवर्तन के कारण अब दोनों क्षेत्रों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं.