शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी इसलिए छोड़ दी क्योंकि उनकी नजरों में अटल बिहारी वाजपेयी के समय में जहां लोकतंत्र था, अब तानाशाही का बोलबाला हो गया है. जब लालकृष्ण अडवाणी के दौर में पार्टी में असली लोकतंत्र देखा गया, तब से अब स्थिति बदल गई है. वर्तमान में ऐसा महसूस होता है कि पार्टी में तानाशाही बढ़ रही है और यह वह माहौल नहीं रहा जो कभी था. इसलिए मैंने भाजपा को छोड़ना सही समझा.