राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कहना है कि पता नहीं वहां क्या हुआ या क्या मन में था, यह बस वही लोग जानें. मैं थोड़ा दुखी जरूर थी, लेकिन यहां आकर खुशी हुई.