एम.एम. नरवणे ने कहा था कि लगातार छोटे पड़ोसी देशों के साथ जोर जबरदस्ती की जाती रही है जिसमें बिना किसी नुकसान के अपने मंसूबे पूरे किए जाते हैं. इसे हम पड़ोसी बुलिंग कह सकते हैं और यह अभी तक भी हो रहा है. पहली बार उन्हें ऐसा झटका लगा जिससे उनकी रणनीति को बड़ा धक्का पहुंचा. वे सोचते थे कि धीरे-धीरे वे अपनी मनमानी करेंगे और किसी का विरोध नहीं होगा.