गिरिराज सिंह का कहना है कि राहुल गांधी सदन की गरमाहट को ठेस पहुंचा रहे थे और नियमों का उल्लंघन कर रहे थे. सभा अध्यक्ष के बार-बार आग्रह के बावजूद वे इस प्रकार के बयान दे रहे थे, जिसे अनुशासनहीनता कहा जा सकता है. उनका बर्ताव बचकाने जैसा था. ज़रूरी होता कि उन्हें यह जल्दी से बताया जाता कि चीन से फाउंडेशन के नाम पर लिए गए पैसे की वकालत कर रहे थे या नहीं. इस पर विचार करना आवश्यक है ताकि नियमों का पालन और सदन का अनुशासन बनाए रखा जा सके.