जब मुझे गाड़ी में बिठाया गया तो बताया गया कि उस इंसान के पास पिस्तौल थी जिसने दो गोलियां चलाई थीं. दूसरी गोली चलाने के वक्त हमारी सिक्योरिटी भी मौके पर थे. एक सिक्योरिटी गार्ड ने उस व्यक्ति के हाथ को पीछे खींचने की कोशिश की जिससे वह असंतुलित हो गया और उसका पिस्तौल ऊपर की ओर चला गया. फिर सिक्योरिटी गार्ड ने पिस्तौल को उसके हाथ से पकड़ लिया लेकिन गोली चल चुकी थी.