देवेंद्र फडणवीस कहना है कि कहा जा रहा है कि मुस्लिम वोटर्स शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को वोट दे रहे हैं. अगर ऐसा न होता तो छत्रपति संभाजी नगर में रशीद मामू जैसे व्यक्ति को शिवसेना में शामिल नहीं किया जाता. बाला साहेब ठाकरे जीवित रहते तो क्या वह देशविरोधी तत्व रशीद मामू को अपनी पार्टी में लेते. उद्धव ठाकरे की राजनीति अब तुष्टिकरण की राजनीति बन चुकी है. वर्तमान में मुसलमानों के लिए कांग्रेस मसीहा नहीं रही.