अरुण गोविल का कहना है कि यह शहीद परिवार अलग तरह की प्रेरणा है जिसका हर सदस्य पैरामिलिट्री फोर्स में सेवा दे रहा है. इस परिवार ने एक ऑपरेशन में अपनी शहादत दी है और यह गर्व की बात है कि परिवार के सभी लड़के या तो सेना में हैं या बीएसएफ में. उनकी न कोई मांग है और न ही कोई शिकायत. इस परिवार से मुलाकात से पता चलता है कि देशभक्ति और सेवा का जज्बा किस तरह परिवार में बसा हुआ है.