2015 में ओबामा प्रशासन के समय ईरान और विश्व शक्तियों के बीच एक बड़ा परमाणु समझौता हुआ था जिसे जेसीपीओए कहा जाता है. इस समझौते के तहत ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर कई सीमाएं स्वीकार कीं और बदले में आर्थिक राहत पाई. तेल निर्यात में छूट मिली और विदेशों में फंसी संपत्तियों तक पहुंच आसान हुई.