वारिस पठान का कहना है कि महानगर पालिका के चुनाव में विकास और जमीनी समस्याओं पर चर्चा आवश्यक है. चुनावों में जमीन, रास्ते, खड्डे, नल जल और ड्रेनेज सिस्टम जैसे वास्तविक मुद्दे गुम हो जाते हैं जबकि ये सीधे जनता के जीवन को प्रभावित करते हैं. विकास के साथ-साथ रोजमर्रा की समस्याओं पर फोकस करना जरूरी है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सार्थक और प्रभावी बन सके.