भारत में मुसलमानों के लिए पांच वक्त की नमाज पढ़ना फर्ज है और यह उनके धार्मिक कर्तव्य का हिस्सा है. लेकिन सवाल उठता है कि क्या नमाज पढ़ना अब एक अपराध बन गया है. खासकर रमजान के महीने में जब जुम्मा का दिन होता है तो कई मुसलमान अपनी नमाज अदा करते हैं. यह उनकी इबादत है और इसमें कोई नुकसान या मुश्किल की बात नहीं है.