युद्ध के संकेत लगातार जारी बयान इस जंग को और बढ़ावा दे रहे हैं. इसका असर उन देशों पर पड़ रहा है जो सीधे इस युद्ध में शामिल नहीं हैं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से उनकी भूमिका बन चुकी है.