वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि राजनीति में मन को बड़ा रखना बहुत जरूरी होता है और आलोचनाओं से डरना नहीं चाहिए। अगर आलोचना सही है तो इसे सीखने का मौका समझना चाहिए। वहीं अगर आलोचना राजनीतिक कारणों से होती है तो उसका जवाब भी राजनीतिक तरीके से देना चाहिए। मन में भेदभाव या द्वेष नहीं रखना चाहिए।