थलपति विजय ने सरकार गठन को लेकर दावा किया है कि उनकी पार्टी को न्योता दिया जाना चाहिए था क्योंकि वो विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी हैं. हालांकि, गवर्नर ने ऐसा नहीं किया, जिसके कारण उन्होंने अदालत जाने का निर्णय लिया है. यह मामला राजनीतिक विवादों को जन्म दे रहा है और अब इस पर कानूनी लड़ाई शुरू होने वाली है.