ईरान संघर्ष में अमेरिका ने अपनी बेहतरीन मिसाइलें और अरबों डॉलर का गोला-बारूद फूंक दिया है जिससे उसकी सैन्य ताकत पर बुरा असर पड़ा है. 1200 पैट्रियट और 1000 टोमाहॉक मिसाइलों के खर्च के बाद अब अमेरिका के पास चीन और रूस जैसे प्रतिद्वंद्वियों के लिए पर्याप्त स्टॉक नहीं बचा है. करीब 2.9 लाख करोड़ रुपये की युद्ध लागत ने पेंटागन की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इस कमी को पूरा करने में कई साल लग सकते हैं