इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता के विफल होने से मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है. परमाणु मुद्दे और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बरकरार हैं. ऐसे में सीजफायर टूटने और सैन्य टकराव के फिर शुरू होने का खतरा बना हुआ है, जिसका असर न सिर्फ क्षेत्र बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है.