अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद तेल आपूर्ति फिर चालू हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम नीचे आए हैं. इस बदलाव का असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात स्थिर रहे तो आगे कीमतों में और राहत देखने को मिल सकती है.