अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की समय सीमा बढ़ाने के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है क्योंकि ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत में हिस्सा लेने से मना कर दिया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें असली नहीं हैं और अमेरिका बार-बार अपने रुख में बदलाव कर रहा है. साथ ही, ईरान ने अमेरिकी बयानों में विरोधाभास होने का भी आरोप लगाया है. इससे अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की संभावना है.