वो 19 दिसंबर 2021 का दिन था. जब यूपी के बांदा की रहने वाली शहजादी कई ख्वाब लेकर अबू धाबी पहुंची थी. दरअसल, उसे वहां भेजा गया था. या यूं कहें कि बेचा गया था. ये काम उसके प्रेमी उजैर ने ही किया था. शहजादी जब आठ साल की थी, तो खौलता हुआ पानी उसके चेहरे पर गिर पड़ा था. चेहरा और शरीर का कुछ हिस्सा जल गया था. लेकिन शहजादी ने हिम्मत नहीं हारी. इसके बाद भी अपनी पढ़ाई लिखाई पूरी की, कॉलेज पास किया, गरीबों और बेसहारा लोगों की मदद के लिए एक एनजीओ से जुड़ गई. असल में शहजादी का एक ही सपना था कि वो इतने पैसे कमा ले कि प्लास्टिक सर्जरी के जरिए अपने चेहरे को ठीक करा सके.