बाबरी विध्वंस को 36 साल हो गए हैं लेकिन इसका प्रभाव देश के कई हिस्सों में आज भी महसूस किया जा रहा है. हिंदू संगठन और हुमायू कबीर आमने-सामने हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि बाबरी मंदिर का पुनर्निर्माण कयामत तक नहीं होगा. इसके विपरीत, कुछ नेताओं ने भाषा के चयन पर सवाल उठाए हैं.