ताजा निरीक्षण में यह पाया गया है कि आवश्यक फायर सुरक्षा मानकों को अभी तक पूरी तरह से पूरा नहीं किया गया है. फायर स्टेयर का निर्माण अधूरा है और स्प्रिंकलर डिटेक्टर सिस्टम भी ऑटोमैटिक तरीके से चालू नहीं हो पाया है. इसी कारण से फायर विभाग ने कोचिंग सेंटर को फिर से 10 दिन का समय दिया है ताकि तय मानकों को पूरा किया जा सके.