उज्जवल निकम का कहना है कि उन्होंने कभी उम्मीद भी नहीं की थी कि मुझे पद्मश्री पुरस्कार मिलेगा. जब मैं जलगांवकर लोगों के बीच मेंबर ऑफ पार्लियामेंट के रूप में नामांकित हुए थे, तब भी यह सब तकदीर की बात लगती थी. मैं मानता हूं कि किसी को भी नसीब से ज्यादा कुछ नहीं मिलता और वक्त से पहले कुछ नहीं होता.