उज्जवल निकम ने कहा कि मैं पहली बार 1993 में मुंबई आया था, क्योंकि उस वक्त मेरा यहां रहने का कोई प्लान नहीं था. धीरे धीरे मेरी जिंदगी में बदलाव आया जब मेरा बेटा वकील बन गया और शादी के बाद उसने तय किया कि हमें मुंबई में ही रहना चाहिए. इसके बाद हमने मुंबई में रहने का मन बनाया और घर ढूंढने का काम शुरू किया.