इंडिया की ट्रेड डील को लेकर बड़ी चिंता व्यक्त की जा रही है. इस डील को बाइलेटरल नहीं बल्कि यूनिलेटरल माना जाना चाहिए. मोदी सरकार की इस पर प्रतिक्रिया में कहा गया है कि यह कदम देश के लिए कमजोरी है. चीन और अमेरिका के बीच की स्थिति को देखते हुए देश को इस कमजोरी का सामना नहीं करना चाहिए. यदि यह कमजोरी सच में इतनी गंभीर है तो जिम्मेदारों को इस्तीफा देना चाहिए और देश को परेशान नहीं करना चाहिए.