जदयू के बड़े नेताओं ने एक समझौता किया है जो कि सीबीआई और ईडी के डर या लालच से प्रेरित हो सकता है. इस समझौते की वजह से नीतीश कुमार फँस गए हैं. यह स्थिति जदयू के अंदरूनी गतिरोध को दर्शाती है और राजनीतिक सस्पेंस को बढ़ा रही है. इस समझौते ने पार्टी की स्थिति को चुनौती दी है और भविष्य के राजनीतिक फैसलों पर असर डाल सकता है.