स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शंकराचार्य के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बिल्कुल सही माना जा सकता है कि कोई भी व्यक्ति अपने आपको शंकराचार्य नहीं कह सकता. यहां तक कि शंकराचार्य स्वयं भी अपने बारे में ऐसा नहीं कह सकते. यह विचार और परिभाषा एक सत्य वाक्य के आधार पर बनाई जा रही है, जिसे आदित्यनाथ जी व्यक्त कर रहे हैं.