सीएम योगी के बयान पर तीखा वार करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को शंकराचार्य पद को लेकर ये अधिकार कैसे मिला, इसे समझना जरूरी है. शंकराचार्य एक चुनावी पद नहीं है जिसे भीड़ इकट्ठी करके और जुमले बोल कर लोगों को भ्रमित कर वोट लेकर हासिल किया जा सके.