28 फरवरी को आयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद ईरान में राजनीतिक सस्पेंस बढ़ गया है. 8 मार्च को मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाने की घोषणा हुई, लेकिन उनकी स्थिति और कार्यकाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं. जनता और राजनीतिक विश्लेषक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्यों इतनी देर तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.