Supreme Court ने Menstruation Leave यानी पीरियड लीव को अनिवार्य बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि अगर इसे कानून बनाया गया तो महिलाओं के रोजगार और करियर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. अदालत ने सरकार से इस मुद्दे पर नीति बनाने पर विचार करने की बात कही.