इस बयान से स्पष्ट होता है कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मन में किसी धर्म और समाज के प्रति गहरी नफरत मौजूद है. उनके वक्तव्य ने समाज में विभाजन और नफरत की भावना को जन्म दिया है. ऐसे बयान समाज की एकता और सद्भाव के लिए खतरा हैं. नफरत फैलाने वाले विचार सामाजिक समरसता को कमजोर करते हैं और तनाव को बढ़ावा देते हैं.