सोनिया गांधी ने अखबार में एक महत्वपूर्ण लेख लिखा जिसमें उन्होंने भारत सरकार के रवैये पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि खामेनेई की हत्या पर भारत सरकार की चुप्पी तटस्थता नहीं बल्कि जिम्मेदारी से भागना है क्योंकि यह हत्या किसी देश की संप्रभुता पर एक आक्रमण है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के खिलाफ है. ऐसे मामलों में चुप्पी न केवल भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाती है बल्कि देश की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती है. सोनिया गांधी की यह टिप्पणी विदेश नीति और भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं की समीक्षा की जरूरत को दर्शाती है.