केतन की हत्या से पहले सिया और चेतन की पुणे के एक कैफे में मुलाकात हुई थी. पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि इन दोनों के बीच पिछले छह महीनों में दो हजार से ज्यादा फोन कॉल्स हुई थीं. यह कॉल्स और मुलाकातें इस मामले में महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकती हैं.